धर्मशाला:- होटलों में 1 हजार से कम रूम रैंट पर भी टैक्स
ग्राहकों को पांच फीसदी देना होगा जीएसटी, नए नियमों से दायरे में आए प्रदेश के ढाई हजार होटल, प्री पैक चीजों पर अब टैक्स, खाद्य वस्तुओं में 25 किलो से ज्यादा पैकिंग पर नहीं लगेगा कर

हिमाचल प्रदेश में अब एक हजार रुपए से कम रूम रैंट पर भी जीएसटी लगेगा। यह दर पांच फीसदी होगी। पहले एक हजार रुपए से ऊपर के रूम रैंट पर ही टैक्स लगता था। प्रदेश में कुल साढ़े तीन हजार होटलों में से ढाई हजार ऐसे हैं, जहां एक हजार से कम रूम रैंट का प्रावधान है। डिप्टी कमिश्रर स्टेट टैक्सेज एंड एक्साइज प्रदीप शर्मा ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के तहत यह टैक्स लगेगा। खाद्य वस्तुओं को लेकर प्रदीप शर्मा ने बताया कि बिना पैक्ड खुले में करीब 14 चीजोंं को खरीदने पर टैक्स नहीं लगेगा। टैक्स उन्हीं वस्तुओं पर लगेगा, जो पैक्ड और लेबल लगाकर बेची जाएंगी। यानी खाने-पीने के ब्रांडेड और पैक वाले सामान जैसे दाल, आटा, चावल, दही और लस्सी जैसे जरूरी सामानों के दामों पर जीएसटी लगेगा। शर्त यही है कि आप इन्हें खुले में खरीदें।बताया जा रहा है कि अगर इन चीजों की एक यूनिट 25 किलो से ज्यादा है, तो उस पर टैक्स नहीं लगेगा। कुल मिलाकर प्री पैक्ड दाल, गेहूं , राई , ओट्स , मक्का , चावल, आटा, सूजी, बेसन, दही और लस्सी टैक्स वाली वस्तुओं मेंं शामिल है।
सरकारी ठेके के काम भी महंगे:-
ठेके पर दिए जाने वाले सरकारी कार्यों में पहले 12 फीसदी टैक्स लगता था। अब यह दर 18 फीसदी हो गई है। सरकार से जुड़े अन्य उपक्रमों के ठेकों में भी यह दर लागू होगी। जीएसटी की नई दरों से अब सरकारी कार्य महंगे हो जाएंगे।
350 करोड़ का है टारगेट :-
स्टेट टैक्सेज एंड एक्साइज के डिप्टी कमिश्रर प्रदीप शर्मा ने बताया कि कांगड़ा जिला का उनका इस साल का टारगेट 350 करोड़ है। इसमें अभी तीन माह में 98 करोड़ का आंकड़ा विभाग ने छू लिया है। यह एक अच्छी प्रगति है। इस विषय में बताया गया कि खुले में 25 किलो तक बिकने वाली चीजें टैक्सेबल होंगी। इससे ऊपर की पैकिंग पर टैक्स नहीं लगेगा।



