HP High Court: हाईकोर्ट ने प्राकृतिक स्रोतों को इस्तेमाल करने की संभावना तलाशने के दिए आदेश।
सभी अधिकारी प्राकृतिक स्रोतों के बेहतर इस्तेमाल के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव देंगे।

अदालत ने निदेशक आपदा प्रबंधन को दस दिन के भीतर सभी उपायुक्तों से ऑनलाइन मीटिंग करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि इस बारे में 27 दिसंबर को अंतिम निर्णय लें और मामले की आगामी सुनवाई तक इसकी जानकारी अदालत को दें।
इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राकृतिक स्रोतों के बेहतर इस्तेमाल के लिए संभावनाएं तलाशने के आदेश दिए हैं। अदालत ने निदेशक आपदा प्रबंधन को दस दिन के भीतर सभी उपायुक्तों से ऑनलाइन मीटिंग करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि इस बारे में 27 दिसंबर को अंतिम निर्णय लें और मामले की आगामी सुनवाई तक इसकी जानकारी अदालत को दें। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 5 जनवरी को निर्धारित की है। अदालत ने आशा जताई है कि सभी जिम्मेदार अधिकारी प्राकृतिक स्रोतों के बेहतर इस्तेमाल के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव देंगे।
बताया जा रहा है कि इससे न केवल जंगल की आग बुझाने में सहायता मिलेगी , बल्कि घरेलू कार्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ बता दें कि शिमला शहर में पानी की किल्लत को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत की ओर से समय समय पर पारित आदेशों के बाद अब शहर में पानी की व्यवस्था सुचारु हुई है। गर्मियों में शहर के लिए पांचवें दिन भी कम मात्रा में पानी दिया जा रहा था। अदालत ने शहर के प्राकृतिक स्रोतों को विकसित करने के आदेश दिए थे। नगर निगम ने शहर में सभी प्राकृतिक स्रोतों को चिह्नित किया है। इन स्रोतों से प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख लीटर पानी निकलता है। अदालत ने पाया है कि इन स्रोतों को विकसित कर पानी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।



