Himachal Update – डिनोटिफिकेशन पर कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग।
चुनावी लाभ लेने को खोले दफ्तर किए बंद।

कांग्रेस विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम के बयान पर किया पलटवार ।
हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल 2022 के बाद खोले गए दफ्तरों के डिनोटिफाई होने से भाजपा-कांग्रेस में जंग छिड़ गई है। सरकार के इस फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जहां बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया था, तो वहीं अब कांग्रेसी विधायकों ने जयराम ठाकुर के बयान पर पलटवार किया है। उनका कहना है कि बदले की भावना से कोई दफ्तर बंद नहीं किया गया है। सरकार उन दफ्तरों को बंद कर रही है, जो पुरानी सरकार ने चुनावी लाभ लेने के लिए बिना बजट खोल दिए थे। विधायक राजेश धर्माणी, संजय रतन और सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नई दिल्ली के अपने केंद्रीय नेतृत्व को खुश करने के लिए इस तरह के निराधार एवं तथ्यहीन वक्तव्यों का सहारा ले रहे हैं।
कांग्रेस विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार को प्रदेश के लोगों द्वारा पांच साल के लिए भारी जनादेश दिया गया है। राज्य सरकार अपनी सभी दस गारंटियों और अन्य चुनावी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस सरकार को राज्य की बागडोर संभाले अभी कुछ ही दिन हुए हैं। राजेश धर्माणी, संजय रतन एवं सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंत में चुनावी लाभ लेने के लिए प्रदेश में कई संस्थानों को खोलने और स्तरोन्नत करने की घोषणा कर दी और इन संस्थानों के लिए बजट तक का प्रावधान नहीं किया गया था। इनका एकमात्र लक्ष्य लोगों को झूठे चुनावी प्रलोभन देकर भ्रमित करना था।



