Himachal Update:- 40 प्रतिशत तक सस्ती होंगी 127 दवाएं।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने घटाईं कीमतें।

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 127 आवश्यक दवाओं की कीमतों में संशोधन किया है। एनपीपीए ने कुछ दवाईयों की कीमतों में 40 फीसदी तक की कमी की है। जिन दवाओं की कीमतों में कटौती की गई है, उनमें मुख्य तौर पर बुखार की दवा पैरासिटामोल, यूरिक एसिड कम करने वाली दवा, मलेरिया, कैंसर सहित अलग-अलग बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली एंटीबॉयोटिक्स शामिल हैं। वहीं, मेटफॉर्मिन और मॉन्टेलुकास्ट सहित कुछ दवाओं की कीमत बढ़ गई है। दवा नियामक ने कीमतों में यह संशोधन औषधि (कीमत नियंत्रण) आदेश-2013 के तहत किया है। एनपीपीए द्वारा उपनिदेशक महावीर सैनी के हवाले से जारी अधिसूचना में 127 अनुसूचित दवाओं की कीमतों में फेरबदल किया गया हैं। इनमें से कुछ दवाओं की खुदरा कीमतें तय की गई हैं, जबकि कुछ की कीमतों में कटौती की गई है।
यहां उल्लेखनीय है कि एनपीपीए औषधि आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत अनुसूची एक में शामिल आवश्यक दवाओं का अधिकतम मूल्य तय करता है, जो दवाएं मूल्य नियंत्रण के तहत नहीं आती हैं, उसके निर्माताओं को सालाना 10 फीसदी खुदरा मूल्य बढ़ाने की अनुमति है। नियामक ने जिन औषधियों के खुदरा मूल्य तय किए हैं या कीमतों में संशोधन किया है, उनमें सर्दी और बुखार में उपयोग होने वाली दवा पैरासिटामोल 650 भी शामिल है। पहले इस दवा की कीमत पहले 2.3 रुपए प्रति टैबलेट थी, वहीं अब नई कीमत के साथ पैरासिटामॉल दवा 1.8 रुपए प्रति टैबलेट के रेट से मिलेगी, वहीं जीवाणु संक्रमण के उपचार में मदद करने वाली एमोक्सिसिलीन और पोटेशियम क्लैवुलनेट की कीमत भी 22.3 रुपए से घटाकर 16.8 रुपए प्रति टैबलेट कर दी गई। बताया जा रहा है कि आम तौर पर नई कीमतों के साथ दवाओं को बाजार में लाने के लिए लगभग एक माह का



