Himachal Update:- ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका के लिए मशरूम की खेती हुई एक वरदान साबित।
आजीविका सुधार परियोजना का प्रदेश के सात जिलों में कार्यान्वयन किया जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका के लिए मशरूम की खेती एक वरदान साबित हो रही है। बताया गया कि जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) द्वारा वित्त पोषित प्रदेश वन पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन एवं आजीविका सुधार परियोजना का प्रदेश के सात जिलों में कार्यान्वयन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि परियोजना के सहयोग से ग्राम वन विकास समितियों के स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की सामुदायिक आजीविका बढ़ाने के लिए 24 आय सृजन गतिविधियों की पहचान की गई है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूह अपनी आजीविका के लिए प्रौद्योगिकी संचालित आय सृजन गतिविधियों को अपना रही है। साथ ही बताया गया कि इसी वर्ष नवंबर माह में शिमला शहर के उपनगरों में घणाहट्टी के समीप ग्राम कंडा में एकता महिला स्वयं सहायता समूह को उनके गांव में जाइका वानिकी परियोजना के कर्मचारियों और विशेषज्ञों द्वारा बटन मशरूम की खेती के लिए उन्मुख किया गया था।



