Himachal Update:- मुख्य आरोपी के घर से JOA-IT के 2 प्रश्न-पत्र मिले: और 8 लाख रुपए और बरामद।
पेपरों की सत्यता की होगी जांच: तलाशी अभियान जारी।

राज्य कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी महिला उमा आजाद के घर से विजिलेंस ने 2 प्रश्न पत्रों सहित 7.90 लाख कैश भी बरामद किया है। यह बरामदगी देर शाम हुई है। अभी आरोपी के घर में तलाशी अभियान जारी है। विजिलेंस के हाथ लगे इन पेपरों की सत्यता आज जांची जाएगी।
कारण यह है कि आज रविवार के दिन ही JOA IT का पेपर होना था, जिसे ग्राहकों को बेचने के मामले में कैंसिल कर दिया गया है। लेकिन उक्त महिला के घर से जो कैश की बरामदगी हुई है, उससे यह साफ होने लगा है कि मामला ज्यादा गंभीर है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती जाएगी, इसमें एक के बाद एक नई परतें खुलती जाएगी।
कैश की बरामदगी और 2 प्रश्न पत्र मिलने की पुष्टि विजिलेंस एएसपी रेणू शर्मा ने की है। उनका कहना था कि यह बरामदगी देर शाम को हो पाई है। पुलिस जांच में जुटी हुई है। कई और महत्वपूर्ण तथ्य हाथ लगे हैं। इनकी पुष्टि जांच मुकम्मल होने के बाद की जाएगी।
काबिले गौर यह है कि इस मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इन्हें बीते रोज शाम को कोर्ट में पेश किया गया था। इनका 28 दिसंबर तक 4 दिन का पुलिस रिमांड भी कोर्ट ने दिया है।
कोचिंग सेंटर संचालक लाता था ग्राहक।
शहर के अणु इलाके में कोचिंग सेंटर चलाने वाले संजीव शर्मा की भूमिका भी पेपर बेचने के मामले में खास रही है। पुलिस के मुताबिक लंबे समय से कोचिंग सेंटर मालिक उमा आजाद और उसके बेटे के साथ मिलकर ग्राहक लाया करता था। अभी इस बात का भी खुलासा होना है कि कोचिंग सेंटर संचालक के अलावा और कौन-कौन ऐसे लोग थे जो आरोपी महिला की मदद किया करते थे। धन उगाही में उनका योगदान था। अब पुलिस रिमांड में कई राज खुलने की संभावना जताई जा रही है।
आयोग के सचिव के लैपटॉप से कैसे चोरी हुए प्रश्न-पत्र।
विजिलेंस की जांच टीम के लिए सबसे अहम बात यह रहेगी कि जिस लैपटॉप में प्रश्न-पत्र मौजूद थे, वहां से इनकी चोरी कैसे हुई ? क्योंकि लैपटॉप तो आयोग के सचिव जितेंद्र कंवर के पास रहता है। उन्हीं की कस्टडी में यह पेपर सेट किए जाते हैं। ऐसे में सीक्रेसी ब्रांच का इसमें रोल क्या है? इस पर भी जांच शुरू हो गई है। अब यदि लैपटॉप सचिव के पास ही है तो महिला उसे कैसे खोल सकती है।
लंबे समय से चल रहा है धंधा पुलिस सूत्रों के मुताबिक पेपर बेचने का धंधा लंबे समय से जारी है। आयोग के भीतर कुछ कर्मचारियों को इसकी भनक भी लग गई थी। उन्हें यह भी पता चला था कि ग्राहक उमा आजाद के घर में ही पहुंच रहे हैं। इस बात की जानकारी भी मिली है कि टाइपिंग टेस्ट के मामले में भी कुछ गड़बड़झाला निकल सकती है। क्योंकि घर पर ही यदि इसकी व्यवस्था आरोपी महिला करवाया करती थी, तो इसमें कौन-कौन संलिप्त हैं?
गड़बड़झाला की कड़ी कहां तक फैली, जांच शुरू।
क्या कंट्रोलर ऑफ एग्जाम को इसकी कभी भनक ही नहीं लगी।
आयोग के अन्य अधिकारियों और चेयरमैन के अलावा इसके सदस्य उक्त महिला की हरकतों पर कभी गौर कर ही नहीं पाए ? यह सारे ऐसेy अनसुलझे सवाल हैं, जिनका जवाब अब जांच में निश्चित रूप में मिलने वाला है। सूत्रों के मुताबिक अब गड़बड़झाले की कड़ी कहां तक फैली हुई है, इसकी जांच भी शुरू हो गई है।
निश्चित रूप में अब नए खुलासे होने की संभावनाओं के बीच आयोग के भीतर हड़कंप तो मजा ही है, लेकिन 20 साल के बाद फिर से यह आयोग बड़ी सुर्खियां बटोर रहा है। कैसे आई आरोपी महिला गिरफ्त में दरअसल, जिस अभ्यर्थी की वजह से इस सारे गड़बड़झाले का पटाक्षेप हुआ है। उसका योगदान मामूली नहीं है, क्योंकि कुछ समय पहले उसने संबंधित महिला के पास जब किसी की मार्फत पहुंच बनाई तो फिर उसे लगा कि यह मामला बड़ा है। अभ्यर्थियों की भलाई इसी में है कि इसका पटाक्षेप किया जाए। वह सबसे पहले कुछ दिन DC ऑफिस आया, कुछ अधिकारियों से मिलना चाहता था।
अधिकारी मिले नहीं और पहुंचते-पहुंचते विजिलेंस के कार्यालय पहुंच गया। जहां पर उसने इसकी दास्तां सुनाई। उसके बाद विजिलेंस ने ताना-बाना बुना। ढाई लाख देकर पेपर देने की बात जब पक्की हो गई, तो फिर सारी कहानी शुरू हुई। क्योंकि 5000 अग्रिम रूप में देना था। मुख्य आरोपी आयोग की सीक्रेसी ब्रांच में कार्यरत सीनियर असिस्टेंट उमा आजाद के अलावा निखिल, नीरज, संजीव शर्मा, तनु शर्मा और अजय कुमार सहित 6 आरोपी अब 28 तक पुलिस रिमांड में हैं। कौन-कौन क्या-क्या उगलेगा? इसका पता अब पूछताछ में चलेगा। विजिलेंस इन्हीं से की गई पूछताछ के आधार पर अब कहां-कहां छापेमारी करेगी। किस-किस तक पहुंच बनाएगी। इस पर भी नए खुलासे होंगे।
विवादों के बाद भी सीक्रेसी ब्रांच में मिली तैनाती।
असल सवाल यह है कि महिला के पूर्व में जुड़े हुए विवादों के बीच भी यदि आयोग के अधिकारी उसे महत्वपूर्ण सीक्रेसी जैसी ब्रांच में तैनात करते रहे तो फिर सवाल तो उठने ही हैं। क्योंकि यह महिला नौकरी लेने के मामले में भी अनुसूचित जाति के सर्टिफिकेट को लेकर विवाहों में गिरी हुई है। उनका को लेकर विवादों से घिरी हुई है। उनका कोई मामला कोर्ट में चल रहा है। वह एक बार सस्पेंड भी हो चुकी हैं। ऐसी स्थिति में भी यदि उसे सीक्रेसी में तैनाती मिली थी। तो उसके पीछे की वजह अब विजिलेंस की जांच में निकल कर सामने आएगी।
कौन-कौनसे पेपर होंगे स्थगित आयोग की लिखित परीक्षा के शेड्यूल के मुताबिक 29 दिसंबर और 1 जनवरी को भी पेपर हैं। इसके अलावा अगले हरेक रविवार को पेपरों का शेड्यूल आयोग ने जारी कर रखा है। 29 तारीख को LDR की परीक्षा होनी है। इसमें मॉर्निंग और ईवनिंग शिफ्ट में कुल मिलाकर 628 अभ्यर्थियों को हिस्सा लेना है। लेकिन 1 तारीख के एग्जाम में ज्यादा अभ्यार्थी हैं। इसके अलावा अगले जितने भी रविवार हैं
उनमें भी परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। इन सब पर अब कैंसिल होने की तलवार लटक गई है। अधिकारिक तौर पर फैसला संभवत एक-दो दिनों में लिया जाएगा।



