Himachal Update:- अजय बताएंगे न्यूटन के तीसरे नियम की खामियां।
336 वर्ष पुराने नियम को संशोधित भी किया।

वैज्ञानिक अजय शर्मा तीन जनवरी को नागपुर में होने वाली इंडियन साइंस कांग्रेस में न्यूटन के तीसरे नियम की खामियों पर शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। इसमें उन्होंने 336 वर्ष पुराने नियम को संशोधित भी किया है। इसी अंतिम मान्यता के लिए कुछ प्रयोगों की आवश्यकता है। कांग्रेस के फिजिकल सांइसिस सेक्शन के एडिटर ने इनका शोधपत्र प्रस्तुति के लिए स्वीकार कर लिया है। उनका शोधपत्र प्रोसीडिंग्ज में भी प्रकाशित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन जनवरी को विज्ञान की इस मेगा इवेंट का उद्घाटन करेंगे। अजय शर्मा इस शोधपत्र को अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्ज, वाशिंगटन में भी प्रस्तुत कर चुके हैं। इससे उनका दावा मजबूत हुआ है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। दुनिया के कई वैज्ञानिकों और शोध संस्थानों ने उनकी शोध को सही और मौलिक ठहराया है, पर न्यूटन के तीसरे नियम में संशोधन की मान्यता के लिए कुछ प्रयोगों की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री के निर्देशों और शोध की वैज्ञानिक जांच के बाद सेक्रेटरी डीएसआईआर नई दिल्ली ने इस बारे में पांच वैज्ञानिकों की समिति (टीम) बना दी है। इस समिति ने अजय शर्मा से पूछा है कि उन्हें प्रयोगों के लिए किन-किन उपकरणों की आवश्यकता है और प्रयोगों की विधि क्या होगी? अजय शर्मा ने बताया कि न्यूटन के तीसरे नियम की खामियों को 8-10 तरह के प्रयोगों द्वारा सिद्ध किया जा सकता है।
पेपर लीक मामले में दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई।
शिमला। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने जेओए आईटी पेपर लीक मामले को गंभीर बताते हुए कर्मचारी चयन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े किए। एनएसयूआई के राज्य महासचिव यासीन बट्ट ने कहा कि आज प्रदेश के सैकड़ों युवा दिन-रात मेहनत कर रोजगार प्राप्त करने के लिए अलग-अलग संस्थानों, विश्वविद्यालयों व पुस्तकालयों मे पढ़ रहे हैं। पिछले पांच सालों में कई पेपर लीक हो चुके हैं, इसमें पुलिस का हो, जेओए आईटी का हो, पटवारी का हो या विश्वविद्यालय में नियुक्तियों की बात हो, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन लगातार तत्कालीन मुख्यमंत्री को अवगत करवाता रहा है। राज्यपाल के समक्ष भी पूर्व सरकार के कार्यकाल मे हो रही धांधलियों को रखा गया, लेकिन तत्कालीन प्रदेश भाजपा सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। एनएसयूआई ने कहा कि जो अधिकारी कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं, उन्हें सजा मिले, ताकि प्रदेश के लाखों युवाओं का भरोसा इन संस्थाओं पर कायम रहे।



