Himachal Update:- 15 साल से चल रहे रेड्डी बनाम दुबे विवाद पर लगा विराम।
संजीवा रेडडी् की इंटक को मान्यता।

इंटक के लंबित विवाद पर अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी ने विराम लगाते हुए डा. जी. संजीवा रेड्डी की अध्यक्षता वाली इंटक को आधिकारिक इकाई के रूप में मान्यता दे दी है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अध्यक्ष रहते हुए दो सदस्यों मल्लीकार्जुन खडग़े और दिग्विजय सिंह की एक कमेटी बना कर इंटक के गुटबाजी के सभी मामले सुलझाने एवं रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी थी। रिपोर्ट जांचने एवं सदस्यता परीक्षण के बाद डा. संजीवा रेड्डी के नेतृत्व वाली इंटक को कांगे्रस ने असली एवं आधिकारिक इंटक माना है। हिमाचल इंटक के अध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश कांगे्रस के महासचिव हरदीप सिंह बावा ने ऑल इंडिया कांगे्रस कमेटी के इस फैसले पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि यह इंटक के तमाम नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं इंटक से जुड़े 3.3 करोड़ सदस्यों की जीत है।
उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खडग़े द्वारा इंटक की गतिविधियों पर नजर रखने एवं उन्हें हर गतिविधियों से सूचित करने के लिए पांच सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया है। पार्टी ने डा. जी. संजीवा रेड्डी की इंडियन ट्रेड यूनियन कांग्रेस को आधिकारिक निकाय के तौर पर मान्यता प्रदान की है। बता दें कि इंटक का यह विवाद 15 साल पुराना है। वहीं साथ ही पार्टी ने जी. संजीवा रेड्डी और दूसरे गुट के प्रमुख चंद्रशेखर दुबे से गुजारिश की है विभिन्न न्यायालयों में चल रहे सभी मामले वापस लें।
पांच सदस्यीय समन्वय समिति का गठन।
कांग्रेस ने पांच सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर इस समन्वय समिति के संयोजक बनाए गए हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, सांसद के. मुरलीधरन, सांसद राजमणि पटेल और पूर्व सांसद उदित राज इस समिति में सदस्य नियुक्त किए गए हैं।



