Himachal Update:- हमीरपुर में विजिलेंस ने कब्जे में लिया रिकार्ड, जल्द होगा खुलासा।
कोचिंग सेंटर की आड़ में पेपर बेचने का कारोबार।

जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) पोस्ट कोड 965 के पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रकरण में शामिल दलाल संजीव कुमार ने कोचिंग सेंटर खोल रखा था, जिसकी आड़ में परीक्षाओं के पेपर बेचने का काम होता था। यह सिलसिला कब से चला आ रहा इसकी जांच विजिलेंस ने शुरू कर दी है। हो सकता है इससे पहले भी यहीं से कई परीक्षाओं के पेपर लीक किए गए हों। यदि ऐसा हुआ तो फायदा लेने वाले कईयों पर शिकंजा कस जाएगा। इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर कितने लोगों ने सरकारी नौकरी हासिल की है, इस पर भी विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। मामले में आरोपियों की लाइन लंबी हो सकती है। विजिलेंस जिला मुख्यालय में स्थित टाइपिंग ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट और कोचिंग सेंटर के तमाम रिकार्ड को खंगालेगी। विजिलेंस की टीम ने इस कोचिंग सेंटर का रिकार्ड भी अपने कब्जे में ले लिया है और अब यहां पर टाइपिंग सीखने और कोचिंग लेने वाले तमाम स्टूडेंट से भी पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि कोचिंग सेंटर का संचालक संजीव कुमार हमीरपुर का ही रहने वाला है। वह मुख्य आरोपी उमा आजाद के बेटे निखिल आजाद के साथ मिलकर पेपर के खरीददारों को तलाशता था। डील फाइनल होने के बाद ही कर्मचारी चयन आयोग के कर्मचारी उमा आजाद के जरिए पेपर की खरीद-फरोख्त को अंजाम दिया जाता था। माना यह भी जा रहा है कि एक-दो नहीं बल्कि कई परीक्षाओं के पेपर इन आरोपियों ने बेचे हैं। इस कोचिंग इंस्टीच्यूट में कोचिंग लेने वाले विद्यार्थी हमीरपुर के अलावा अन्य कई जिलों के भी हैं। ऐसे में पेपर लीक मामले के तार प्रदेश भर के कई जिलों से जुड़ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक कर्मचारी चयन आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं कीनोटिफिकेशन के वक्त ही आरोपी अपने कोचिंग सेंटर के जरिए ग्राहक को ढूंढना शुरू कर देते थे। पेपर बेचने के लिए कोचिंग सेंटर के जरिए ही मुख्य आरोपी उमा आजाद का बेटा और दलाल संजीव कुमार इस कार्य को करता था। पेपर के खरीददार अभ्यर्थियों को आश्वस्त करने के बाद परीक्षा से दो दिन पहले ही पैसे का लेनदेन होता था और पेपर मुहैया करवाए जाते थे। कुछ इस तरह से ही जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट पोस्ट कोड 965 का पेपर भी बेचा गया था, लेकिन एक अभ्यर्थी की शिकायत ने इस बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
अब तक कितने स्टूडेंट को नौकरी।
विजिलेंस की टीम अब इस दिशा में भी जांच कर रही है कि संजीव कुमार का यह कोचिंग सेंटर कब से हमीरपुर में चल रहा है अब इस सेंटर में कोचिंग लेने वाले सभी स्टूडेंट से पूछताछ की जाएगी और पता लगाया जाएगा कि यहां से कितने स्टूडेंट के कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं को पास कर नौकरी लगी है। आने वाले दिनों में परत दर परत जांच में बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं के पेपर बेचने वाले गिरोह में 31 वर्षीय संजीव कुमार दलाल का काम करता था। उसने हमीरपुर शहर में अपना टाइपिंग ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट और कोचिंग सेंटर भी चला रखा था।
विजिलेंस ने कब्जे में लिए दस्तावेज।
विजिलेंस थाना हमीरपुर के वरिष्ठ अधिकारी रेणू शर्मा का कहना है कि आरोपी संजीव कुमार जिला मुख्यालय में एक कम्प्यूटर टाइपिंग ट्रेनिंग और कोचिंग सेंटर चलाता है यहां पर यह आरोपी पेपर के खरीददारों को तलाश कर पेपर बेचने का कार्य करता था। उन्होंने कहा कि इस सेंटर का रिकार्ड भी कब्जे में लिया गया है और गहनता से छानबीन की जा रही है।



