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Himachal Update :- जेओए आईटी पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी के 48 घंटे बाद महिला कर्मचारी निलंबित।

महिला के घर से भी सात लाख 90 हजार की नकदी पकड़ी गई।

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी वरिष्ठ सहायक ऊमा आजाद को सस्पेंड कर दिया गया है। गिरफ्तारी के 48 घंटे बाद महिला कर्मचारी पर निलंबन की गाज गिरी है। वहीं, विजिलेंस महिला के संपर्क सूत्रों की लिस्ट खंगालने में जुटी हुई है। क्यास लगाए जा रहे हैं कि विजिलेंस जांच में महिला के संपर्क सूत्रों की लिस्ट लंबी हो सकती है।

बताया जा रहा है कि फिलहाल महिला व उसके साथ गिरफ्तार किए गए पांच आरोपी पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं। इन सभी को 28 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जाहिर है कि 25 दिसंबर को होने वाली जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड-965 के पेपर को लीक किया गया है। इसमें कर्मचारी चयन आयोग की सिक्रेसी ब्रांच में कार्यरत वरिष्ठ सहायक उमा आजाद, उसे बेटे निखिल आजाद तथा दलाल संजीव व अन्य दो अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

इसके साथ ही बताया गया कि विजिलेंस ने छह आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस रिमांड के दौरान इनसे और भी खुलासे हो सकते हैं। आगामी दो परीक्षाओं के पेपर लीक होने की बात भी सामने आ चुकी है। बता दें कि 22 दिसंबर को ही यह पेपर लीक हो गया था। दलाल संजीव ने अभिलाष नाकम अभ्यर्थी को अप्रोच किया था और चार लाख में पेपर ऑफर किया गया, जबकि 23 दिसंबर को सीलबंद इन पेपर को प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर भेज दिया गया था। जिन टीमों को प्रदेश भर में भेजा गया था, उनमें एक टीम में उमा आजाद भी शामिल थी। महिला 23 दिसंबर को घुमारवीं में एसडीएम के सामने रिपोर्ट करने के बाद फिर हमीरपुर लौट आई थी। बाद में वह पेपर और रिश्वत की रशि के साथ रंगे हाथों पकड़ी गई।

आरोपी महिला ने कबूला गुनाह।

बताया गया कि जेओए आईटी पेपर लीक मामले में मास्टर माईंड कर्मचारी चयन आयोग की आरोपी महिला कर्मचारी ने विजिलेंस की पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि विजिलेंस की पूछताछ में आरोपी महिला कर्मचारी ने पेपर लीक करने की बात कबूल की है। विजिलेंस पता लगा रही है कि आरोपी महिला कर्मचारी ने आयोग से पेपर कैसे चुराया। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला कर्मी में लीक किए गए पेपर के 18 पेजों की फोटो कॉपी की थी। विजिलेंस पता लगा रही है कि आरोपी कहां-कहां और किसको पेपर पहुंचाया है। गौर हो कि विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को हमीरपुर में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए जेओए आईटी पोस्ट कोड 965 का पेपर बेचने के अरोप में कर्मचारी चयन आयोग की महिला कर्मचारी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था। विजिलेंस ने आरोपी महिला कर्मचारी के ससुराल के घर से लाखों रुपये की नकदी के साथ तीन प्रश्न पत्र भी बरामद किए हैं। इनमें तीन पेपरों में जेओए आईटी पोस्ट कोड 965 के पेपर के अलावा दो और प्रशन पत्र विजिलेंस की टीम को मिले हैं। मामले में विजिलेंस की कार्रवाई जारी है।

पहले भी विवादों में रहा था आयोग।

इससे पहले भी कई बार कर्मचारी चयन आयोग विवादों में रह चुका है। बता दें कि वर्ष 2001-02 में सरकार पदों पर भर्तियां हुई थीं। प्रदेश में भाजपा की सरकार के रहते चयन बोर्ड के माध्यम से हुई भर्तियों में धांधली के आरोप लगे थे। वर्ष 2004 में सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। आरोप साबित होने पर हमीरपुर सत्र न्यायालय ने चयन बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन समेत छह को सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में आरोपियों की अपील को खारिज कर दिया था तथा एक-एक साल कारावास तथा पांच-पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।

फिर मांगा जाएगा आरोपी का रिमांड।

बेशक पेपर लीक मामले में छह आरोपियों को पुलिस ने पकडक़र पुलिस रिमांड पर लिया हो, लेकिन पुलिस रिमांड की फिर से डिमांड हो सकती है। कारण साफ है कि मामला हिमाचल भर के युवाओं के भविष्य के साथ जुड़ा हुआ है। पेपर लीक मामले में संलिप्तों की लिस्ट कितनी लंबी है इसका खुलासा आरोपी ही कर सकते हैं। यदि आरोपियों ने पुलिस रिमांड के दौरान सब सच उगल दिया तो ठीक है, नहीं तो और पुलिस रिमांड की डिमांड विजिलेंस कर सकता है। संभावनाएं जताई जा रही है कि मामले में संलिप्तों की संख्या बढ़ेगी। पहले हुए एग्जाम में भी आरोपियों की संलिप्तता पाई जा सकती है। यदि ऐसा हुआ तो पहले हुई भर्तियां भी संदेह के घेरे में आ जाएंगी।

पहले भी सस्पेंड रह चुकी है आरोपी।

पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी वरिष्ठ सहायक उमा आजाद पहले भी मामले में सस्पेंड रह चुकी है। आरोपी महिला कर्मचारी का चयन पहले हिमाचल प्रदेश सचिवालय के लिए हुआ था, लेकिन बाद में महिला ने वर्ष 2001 में कर्मचारी चयन अयोग में ज्वाइन किया। आरोपी महिला 21 साल से कर्मचारी चयन आयोग में सेवाएं दे रही थी। तीन साल पहले ही आयोग ने महिला को गोपनीय शाखा में वरिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त किया था। सूत्रों की मानें तो महिला पहले भी जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने के मामले में सस्पेंड रह चुकी है। बताया जा रहा है कि महिला ने जनवरी, 2023 में पदोन्नत होना था।

आरोपी के विदेशों में लगते रहे टूअर।

पेपर लीक मामले बुरी तरह फंसी वरिष्ठ सहायक उमा आजाद विदेशों के टूअर भी लगा चुकी हैं। विदेश टूअर पर गई महिला ने कई बार सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड किए हैं। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि हो सकता है महिला ने गोपनीय शाखा में आने के बाद गलत तरीके से पैसा कमाया हो। अब मामला उजागर होने के बाद तो इस बात की लगभग पुष्टि हो चुकी है कि महिला गलत ढंग से पैसा कमा रही है। विजिलेंस ने महिला के बैंक खातों की डिटेल खंगालना शुरू कर दी है। महिला के घर से भी सात लाख 90 हजार की नकदी पकड़ी गई है। आगामी समय में मामले में और परतें उघडऩा तय है।

Rakesh Bhardwaj

A good reader or viewer is a person who is alert about her newspaper or news channel. A good reader or viewer will never waste her hard-earned money in watching or reading just anything. She is serious. She will have to think if the news she is consuming is journalism or sycophancy...

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