Himachal Update:- यूजीसी ने जारी किए निर्देश, शहरी क्षेत्रों को हरा-भरा बनाने के लिए अभियान।
शिक्षण संस्थानों में तैयार होंगे नगर वन।

हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में यूजीसी के निर्देशों के बाद नगर वन वाटिका स्थापित की जाएगी। बताया गया कि इस बारे में विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी किए गए हैं। हाल ही में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित विश्वविद्यालय और कालेज अपने परिसरों में इस प्रकार के नगर वन को विकसित करेंगे। इसके साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों और उनके संबद्ध कालेजों, संस्थानों से अनुरोध किया है कि वे अपने संस्थान परिसरों में नगर वन या वाटिका विकसित करें। शिक्षण संस्थान इसके लिए राज्यों के वन विभाग से समन्वय कर सकते हैं। यूजीसी के मुताबिक नगर वाटिका परियोजनाओं के निर्माण के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।
बताया जा रहा है कि नगर वन योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। यूजीसी का कहना है कि भारत सरकार देश में वन और वृक्षों के आवरण को बढ़ाने के लिए विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से वृक्षारोपण गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। नगर वन योजना (एनवीवाई) राष्ट्रीय वन नीति के अनुरूप राष्ट्र के हरित लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) की पहलों में से एक है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य नगर वन या वाटिका विकसित करके शहरी क्षेत्रों में हरित स्थान बनाना और कस्बों के किनारे की वन भूमि को क्षरण और अतिक्रमण से बचाना है।
1000 नगर वाटिका के विकास का लक्ष्य।
बताया जा रहा है कि यूजीसी के मुताबिक शहरी परिदृश्य में सामाजिक और पर्यावरण के लिए वनों में जैव विविधता के विकास में स्थानीय निवासियों और विभिन्न एजेंसियों को सक्रिय रूप से शामिल करने के लिए योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत 1000 नगर वाटिका के विकास की परिकल्पना की है और अब तक देश के 29 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 250 नगर वाटिका परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। देश भर के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों को भेजे गए पत्र में यूजीसी ने बताया है कि एनवीवाई को नेशनल अथॉरिटी ऑफ कॉम्पेंसेटरी अफॉरेस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग अथॉरिटी के फंडिंग से लागू की जा रही है। इस योजना के दायरे को बढ़ाने और अधिक क्षेत्र को कवर करने के लिए अब यह परिकल्पना की गई है कि नगरपालिका सीमा के 10 किलोमीटर के भीतर नगर वन के विकास की अनुमति दी जाए।



