Himachal Update:- फेरबदल से अफसरशाही को सुक्खू ने दी नई ऊर्जा।
नए मुख्य सचिव के लिए चुनौतियां भी कम नहीं।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व जयराम सरकार के दौरान मुख्य सचिव के पद के लिए हुए सुपरसेसन के बाद आपस में उलझी अफसरशाही को पंजाब फार्मूला लगाकर नए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने काम पर लगा दिया है। बताया जा रहा है कि पंजाब के बाद हिमाचल में स्पेशल चीफ सेके्रटरी जैसा पद पहली बार इस्तेमाल हुआ है। शनिवार देर रात हुए प्रशासनिक फेरबदल में 1990 बैच के आईएएस अधिकारी और वित्त विभाग देख रहे अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना राज्य के नए मुख्य सचिव होंगे। उन्हें अब सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार में ब्यूरोक्रेसी को संभालना है। इनके सामने चुनौतियां भी बहुत हैं। एक तरफ ओल्ड पेंशन समेत बड़े वित्तीय वादों को पूरा करना है और दूसरी तरफ खराब वित्तीय स्थिति के बीच रेवेन्यू भी जनरेट करना है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व मुख्य सचिव राम सुभग सिंह को अपना प्रिंसिपल एडवाइजर नियुक्त किया है। राम सुभग सिंह 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में सबसे सीनियर हैं।
बताया जा रहा है कि इनके लिए स्पेशल चीफ सेक्रेटरी का पद क्रिएट किया गया है और साथ में ऊर्जा विभाग के साथ बिजली बोर्ड का चेयरमैन भी इनको लगाया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि यह मुख्यमंत्री को राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी एडवाइज करेंगे। इसके साथ ही तीसरा बड़ा आदेश 1988 बैच के आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता को लेकर है। इन्हें भी राम सुभग सिंह की तरह पूर्व जयराम सरकार के समय आरडी धीमान को चीफ सेक्रेटरी लगाने के बाद किनारे कर दिया गया था। इन्हें अब रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन का सीएमडी नियुक्त किया गया है।
बताया गया कि इसके अलावा संजय गुप्ता को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चेयरमैन भी लगाया गया है। संजय गुप्ता और राम सुभग सिंह मुख्यमंत्री के ओवरऑल नियंत्रण में काम करेंगे और दोनों को ही चीफ सेक्रेटरी के बराबर का रैंक दिया गया है। हालांकि अब भी निशा सिंह को काम नहीं दिया गया है। हालांकि जिस तरह बहुत से विभाग अभी खाली पड़े हैं, उन्हें भी काम मिल जाएगा। हाल ही में राज्य सरकार से प्रधान सचिव रहे सुभाशीष पांडा और डाक्टर रजनीश भारत सरकार में गए हैं। इनके भी कुछ महकमे अभी बाकी हैं। प्रबोध सक्सेना भी पहले एनवायरमेंट के साथ पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड देख रहे थे, इसलिए एनवायरमेंट भी अभी दिया जाना है। प्रशासनिक फेरबदल के समय निशा सिंह को भी कोई और कार्यभार मिल जाएगा।



