Himachal Update:- शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे विधानसभा।
सत्र के अंतिम दिन सरकार को दुखड़ा सुनाने जुटी थी भीड़।

हिमाचल में धर्मशाला के तपोवन में आयोजित शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सैकड़ों फरियादी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का दिनभर इंतजार करते रहे। हालांकि अंतिम दिन मुख्यमंत्री विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नहीं पहुंच पाए, जिस कारण लोगों को मायूस होना पड़ा। इस बीच उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री सदन में मौजूद रहे, लेकिन अधिकतर समय तक कार्यवाही चलते रहने के कारण वह भी अधिक लोगों से नहीं मिल पाए। बताया जा रहा है कि जब मंत्रिमंडल का गठन न होने से संबंधित विभागों के मंत्री भी नहीं हैं, ऐसे में फरियादी व लोग दिन भर नेताओं से मिलने का इंतजार करते रहे। तपोवन में मेले जैसे हालात देखने को मिले।
बताया गया कि इसको लेकर भी आधे हिमाचल के जिलों से आवाज उठ रही है कि सत्र के समय को सही नियमों के तहत बढ़ाया जाना चाहिए। वहीं लोगों का मानना है कि धर्मशाला विधानसभा भवन को वर्ष भर सफेद हाथी बनाकर धूल फांकने के लिए नहीं छोडऩा चाहिए। इस बार सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू व डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री धर्मशाला सचिवालय में भी जन समस्याएं सुनने के लिए समय नहीं निकाल पाए हैं। ऐसे में अब कांगड़ा में लोहड़ी पर सरकार के शीतकालीन प्रवास को लेकर लोगों को आस लगी हुई है। हालांकि पूर्व में भाजपा सरकार के समय शीतकालीन प्रवास को अधिक तवज्जो नहीं मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर कांग्रेस सरकार बनने से लोगों को नई उम्मीद जगी है। बताया गया कि इससे पहले कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह व भाजपा के प्रो. प्रेम कुमार धूमल भी शीतकालीन प्रवास की परंपंरा को निभाते रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा भी करते हैं और लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ ही विकास कार्यों को गति देने का भी कार्य करते हैं।
सिर्फ सफेद हाथी न बन जाए विधानसभा भवन।
बताया गया कि तपोवन में स्थित विधानसभा भवन वर्ष भर मात्र सफेद हाथी न बन जाए, इस बात को लेकर नेताओं, विधायकों व बुद्धिजीवी वर्ग में भी टीस देखने को मिल रही है। विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सदन में भी इस बात को जोर-शोर से रखा है कि तपोवन के भवन को मात्र चार-पांच दिनों के लिए प्रयोग हेतु न रखा जाए। विधायक ने तपोवन भवन का विधानसभा अध्यक्ष से सही प्रकार से प्रयोग करने और निचले हिमाचल के लोगों को राहत प्रदान करने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा भवन की ई-विधानपालिका का लोकसभा से संबंध स्थापित कर अन्य राज्यों के लिए प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यों के लिए भी प्रयोग करने की बात रखी। इसी तरह से कांगड़ा, चंबा, मंडी, ऊना, हमीरपुर व अन्य क्षेत्रों के विधायकों ने भी ध्तपोवन में अधिक समय तक शीतकालीन सत्र व अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की बात रखी।



