Himachal Update:- गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दी मुख्यमंत्री सुक्खू को धमकी।
उन्होंने कहा कि भिंडरावाले के पोस्टर वाली घटना से लें सीख।

हाल ही में हुए खालिस्तान के मुद्दे को लेकर सिख फॉर जस्टिस संस्था के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को धमकी दी है। बताया गया कि पन्नू की ओर से जारी किए गए वीडियो मैसेज में कहा गया है कि सिख फॉर जस्टिस ने इससे पहले राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का विरोध किया था और पंजाब को खालीस्तान में बदलने का दावा किया था।
बताया जा रहा है कि इसके बावजूद राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जारी रही। हिमाचल के मुख्यमंत्री ने भी यदि इस यात्रा का समर्थन किया, तो उन्हें पॉलिटिकल डेथ भी फेस करनी पड़ सकती है। पन्नू ने धमकी में कहा है कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल में संत भिंडरावाले के बैनर और पोस्टर बैन किए थे और यदि यही रास्ता सुखविंदर सुक्खू ने भी अपनाया, तो उन्हें भी कीमत चुकानी पड़ेगी। आतंकी ने आगे कहा कि हिमाचल पंजाब का हिस्सा है और शिमला खालिस्तान की नई राजधानी बनेगी।
बताया गया कि सिख फॉर जस्टिस ने पहले ही पंजाब में भारत जोड़ो यात्रा का विरोध करने के लिए 100000 डॉलर का बजट जारी कर रखा है। गौर हो कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री के लिए यह पहली धमकी है।
साथ ही बताया कि इससे पहले भी भाजपा सरकार में जयराम ठाकुर को इस तरह की ई-मेल के जरिए धमकियां मिलती रही हैं, लेकिन उन्होंने इन धमकियों से डरकर फैसले नहीं बदले। बीते साल मई 2021 को पन्नू ने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी धमकी भरा संदेश भेजा था। ऑडियो मैसेज में पन्नू ने कहा था कि सीएम जयराम ठाकुर मोहाली में हुए आरपीजी अटैक से सबक लें। ऐसा अटैक हिमाचल के शिमला पुलिस मुख्यालय पर भी हो सकता है। उन्होंने कहा वह सिख फार जस्टिस के साथ न उलझें और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को देख लें।
साथ ही पन्नू ने चेतावनी दी थी कि अगर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तपोवन विधानसभा में खालिस्तान के झंडे लगाने के मामले में कोई कार्रवाई करते हैं, तो सिख फार जस्टिस इसे उल्लंघन समझेगी और इसका परिणाम जयराम ठाकुर को भुगतना होगा। धमकी के बाद जयराम ठाकुर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। हालांकि, अब देखना है कि प्रदेश सरकार सीएम सुक्खू को मिली इस धमकी को कितनी संजीदगी से लेती है।



