Himachal Update:- गलत टिकट आबंटन, धूमल की नजरअंदाजी भाजपा की हार का कारण – कर्नल इंद्र सिंह।
विधायकों के चुनाव क्षेत्र बदलने वाले वरिष्ठ नेताओं से मांगा जाना चाहिए जवाब।

गत वर्षों में लगातार तीन बार सरकाघाट से विधायक रहे और कांग्रेस के दिग्गज नेता रंगीला राम राव को दो बार हराने वाले कर्नल इंद्र सिंह ठाकुर ने विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व पार्टी नेतृत्व को कठघरे में ला खड़ा कर दिया है। बताया गया कि पूर्व विधायक कर्नल इंद्र सिंह का कहना है कि विस चुनाव में भाजपा की हार का कारण गलत टिकट आबंटन और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल को नजरअंदाज करना रहा है। इस बीच उनका कहना है कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल को पार्टी ने चुनाव लड़ाया होता, तो जयराम सरकार फिर से रिपीट हो जाती है। कर्नल इंद्र सिंह ने एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि टिकट आबटन में मनमानी के कारण हालात बदल गए और भाजपा नेता चुनाव हार गए। कइयों के चुनाव क्षेत्र बदल दिए गए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने टिकट बदलें, उन्हें अब पूछा जाना चाहिए कि हार के लिए कौन जिम्मेदार हैं, चाहे वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हों या फिर पूर्व मुख्यमंत्री हों, उन्हें पूछा जाना चाहिए। कार्यकर्ता पांच साल काम करते रहे और इतने कार्य प्रदेश में हुए, फिर भाजपा की क्यों हार हुई। कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही बोलना शुरू कर दिया था कि 15 विधायकों के टिकट काटे जाएंगे। बताया गया कि इसका पार्टी को नुकसान हुआ और टिकट मांगने के लिए कई धड़े बन गए। हार की समीक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि जीते हुए 25 विधायकों को बुलाकर समीक्षा नहीं होगी। हारे हुए 43 उम्मीदवारों को बुलाया जाना चाहिए। उन्हें पूछा जाना चाहिए कि उन्हें किसने हराया है। उन्होंने कहा कि कितने नेताओं के चुनाव क्षेत्र बदल दिए गए। सरकाघाट से टिकट काटे जाने को गलत करार देते हुए उन्होंने कहा कि मुझे पार्टी ने उम्मीदवार बनाया होता तो यहां पर न यूपी के मुख्यमंत्री को बुलाना पड़ता और न स्मृति इरानी, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर या सांसद इंदु गोस्वामी को लाने की जरूरत पड़ती।
उपचुनाव में हार से नहीं लिया था सरकार-पार्टी ने सबक।
पूर्व विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि उप चुनाव में चार सीटों पर उस समय हुई हार के बाद भी पार्टी व सरकार ने कोई सबक नहीं लिया था। जबकि सबको पता चल चुका था कि बिमारी क्या है, लेकिन उसके बाद भी ईलाज नहीं किया गया। उप चुनावों की हार से सबक न लेते हुए सरकार व संगठन ने विस चुनाव में भी वहीं गलतियां फिर से की और सत्ता हाथ से चली गई। कर्नल ने कहा कि कांग्रेस ने भाजपा का सात प्रतिशत वोट कम करने के बाद जीत दर्ज की है।
क्यों दिए संगठन के पदाधिकारियों को टिकट।
कर्नल इंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं ने चुनावों से पहले कहा था कि संगठन के बड़े पदाधिकारी चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन बाद में तीन प्रदेश महामंत्रियों को चुनाव में उतार दिया गया। जिन्होंने चुनाव लड़ाना था, वे चुनाव लड़ रहे थे। ऐसा करना होता तो पहले उन्हें महामंत्री पद से हटाया जाना चाहिए था। उन्हें उम्मीदवार बना दिया गया और फिर उनके लिए अध्यक्ष को बूथ स्तर तक जाना पड़ा, जबकि संगठन के लोगों को तो चुनाव लड़ाना चाहिए था न की खुद तीन तीन महामंत्री चुनाव में खड़े हो गए।



