Himachal Update:- चंबा बच्चों के यूरिन टेस्ट करवाने के लिए भटक रहे तीमारदार।
बदले में तीमारदारों से 200 से 500 रुपये वसूल किए जा रहे हैं।

चंबा।
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचाराधीन बीमार बच्चों के इलाज के लिए तीमारदारों को निजी लैबों में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वार्ड में स्टाफ नर्स चिकित्सीय परामर्श के अनुसार बीमार बच्चे के टेस्ट को लेकर एक चिट बनाकर तीमारदार को थमा देती हैं। साथ ही बताया गया कि इसके बाद तीमारदारों को उस चिट को लेकर टेस्ट करवाने के लिए भटकना पड़ता है। यूरिन टेस्ट करने वाली मशीन मेडिकल कॉलेज में काफी समय से खराब पड़ी है। बताया गया कि ऐसे में इस टेस्ट को करवाने के लिए बीमार बच्चों के यूरिन के नमूने लेकर तीमारदारों को निजी लैबों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
बताया गया कि यहां पर टेस्ट के बदले में तीमारदारों से 200 से 500 रुपये वसूल किए जा रहे हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज में इस टेस्ट को मुफ्त करने का प्रावधान है लेकिन मशीन खराब होने के कारण बीमार बच्चों का टेस्ट नहीं किया जा रहा है। टेस्ट के जरिये ही बच्चों में संक्रमण की जांच होती है।
बताया गया कि सर्दियों के मौसम में खांसी, बुखार और जुकाम से पीड़ित होकर बीमार होने वाले बच्चों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इसके चलते बाल रोग वार्ड के सभी बिस्तर ऐसी बीमारी से पीड़ित बच्चों से भरे पड़े हैं। इन बच्चों में संक्रमण का पता लगाने के लिए विशेषज्ञ राउंड के दौरान उनकी पर्ची पर टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं। राउंड होने के उपरांत वार्ड स्टाफ नर्सें तीमारदार को चिट थमाकर टेस्ट करवाने को बोल देती हैं लेकिन यह टेस्ट कहां होंगे, इसके बारे में नहीं बताया जाता। बताया गया कि तीमारदारों राजेश कुमार, हंसराज, आशा, मनोज कुमार, संजय शर्मा, महिंद्र सिंह और किशोर गुप्ता ने प्रबंधन से मांग की है कि बच्चों के यूरिन संक्रमण का पता लगाने वाले टेस्ट को अस्पताल में शुरू करवाया जाए।
बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में सीबीसी टेस्ट मशीन खराब थी। उसे दुरुस्त करवा दिया गया है। यूरिन टेस्ट करने वाली खराब मशीन को भी जल्द दुरुस्त करवाकर बच्चों के टेस्ट करवाने की व्यवस्था करवाई जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधा देने को लेकर प्रबंधन हरसंभव प्रयास कर रहा है।



