Himachal Update:- कांग्रेस, आप और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकारों ने मारी ओपीएस बहाली में बाजी।
प्रदेश पुरानी पेंशन बहाल करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है।

हिमाचल प्रदेश पुरानी पेंशन बहाल करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है। बताया गया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकारों ने अपने चुनावी वायदे निभा दिए हैं। साथ ही बताया गया कि भाजपा शासित राज्यों में अभी भी इस बहाली का इंतजार है।
बताया गया कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकारों ने देश में ओपीएस बहाली में बाजी मारी है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और पंजाब में वर्ष 2022 में पुरानी पेंशन बहाल हुई है। हिमाचल प्रदेश पुरानी पेंशन बहाल करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकारों ने अपने चुनावी वायदे निभा दिए हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा शासित राज्यों में अभी भी इस बहाली का इंतजार है। राजस्थान सरकार ने 23 फरवरी 2022 को पुरानी पेंशन बहाल करने का एलान किया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने चौथे बजट में यह घोषणा पूरी की। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मार्च 2022 में पेश किए बजट में पुरानी पेंशन देने की घोषणा की। एक सितंबर 2022 से झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार ने पुरानी पेंशन बहाल की है।
बताया जा रहा है कि पंजाब में 21 अक्तूबर 2022 को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंत्रिमंडल की बैठक में ओपीएस बहाल करने का निर्णय लिया। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकारें हैं। झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में सरकार बनी है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। बताया गया कि पश्चिम बंगाल देश का एकमात्र ऐसा राज्य हैं जहां पुरानी पेंशन योजना बंद ही नहीं हुई। पहले वामपंथी सरकारों ने केंद्र सरकार की नई पेंशन योजना को लागू नहीं किया। फिर ममता बनर्जी ने भी मुख्यमंत्री बनने के बाद पुरानी पेंशन योजना को ही जारी रखा। त्रिपुरा में फरवरी 2018 में भाजपा सरकार के बनते ही पुरानी पेंशन योजना को बंद कर नई पेंशन योजना लागू की गई। इससे पूर्व 2017 तक वाम सरकार के समय त्रिपुरा में भी पुरानी पेंशन योजना ही लागू रही। देश के पांच राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल होने से भाजपा शासित राज्यों में भी यह मांग जोर पकड़ने लगी है।
पुरानी पेंशन योजना में ये हैं प्रावधान।
– इस योजना में सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी के वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में दी जाती है।
– पेंशन के लिए कर्मचारी के वेतन से कोई पैसा नहीं कटता है। भुगतान सरकार की ट्रेजरी के माध्यम से होता है।
– 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी की रकम मिलती है। सेवानिवृत्त कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को पेंशन राशि मिलती है। पुरानी योजना में जनरल प्रोविडेंट फंड यानी जीपीएफ का प्रावधान है। इसमें महंगाई भत्ते को भी शामिल किया जाता है।



