Himachal Update:- माइनिंग लीज की 100 फीसदी रॉयल्टी लेगी अब सरकार।
खनन नहीं रोकने वाले अफसर नपेंगे।

अवैध खनन नहीं रुका तो सरकार खनन अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी। इसके अलावा माइनिंग लीज लेने वालों को सरकार को अब शत प्रतिशत खनन रॉयल्टी देनी होगी। बताया जा रहा है कि सरकार के फैसले से सालाना साठ करोड़ रुपये की रॉयल्टी की चोरी पर लगाम लगेगी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान एक्शन मोड में हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व की राज्य सरकार ने व्यवस्था कर रखी कि अगर खनन गतिविधियों से जुड़े व्यवसायियों ने सरकार से 100 एम-फार्म लिए हैं तो उनको कम से कम 60 फीसदी रॉयल्टी देनी होगी।
बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था के कारण सरकार को खनन से हर साल करोड़ों का चूना लगता रहा है। कांग्रेस सरकार ने इस बात पर क़ड़ा नोटिस लिया है कि सरकार से मंजूरी लेने के बाद खनिज का शत प्रतिशत दोहन किया जाता रहा है। सरकार को खनिज की पूरी रॉयल्टी नहीं दी जाती है। इससे सरकार को हर साल करीब 60 करोड़ रुपये का चूना लगाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि सरकार ने सत्ता संभालते ही पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एम-फार्म के अनुसार जितने टन खनिज के दोहन की मंजूरी दी जाती है। सरकार को उस खनिज की शत प्रतिशत रॉयल्टी कोष में जमा करनी होगी। राज्य के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि खनन गतिविधियों में रॉल्यटी की चोरी रोकने में अधिकारी विफल रहते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बताया हुआ कि इसके अलावा खनन से जितनी मात्रा की मंजूरी ली जाएगी, उसकी शत प्रतिशत रॉयल्टी सरकार को जमा करनी अनिवार्य होगी। इससे सरकार के खजाने में साठ करोड़ की अतिरिक्त राशि जमा होगी।
हिमाचल में 350 खनन पट्टे, 200 करोड़ की रॉयल्टी।
बताया गया कि वर्तमान में हिमाचल में लोगों को 350 खनन पट्टे दे रखे हैं। इनसे सरकार को करीब 200 करोड़ की रॉल्यटी सालाना मिल रही है। इनके अलावा 231 साइटों की नीलामी कर रखी है। इन खनन साइटों की नीलामी से सरकार एडवांस रॉयल्टी ले चुकी है। सिर्फ 16 साइटों में खनिज निकाले जा रहे हैं और अन्य साइटों पर अभी वन मंजूरी नहीं मिली है।



