Himachal Update:- नए शिक्षा सचिव ने विभाग से मांगा ब्यौरा, जल्द होगी अधिकारियों के साथ बैठक।
कितने स्कूलों में शौचालय सुविधा।

राज्य के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय की सुविधा है या नहीं, इस बारे में प्रदेश के नए शिक्षा सचिव ने शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों के साथ नए शिक्षा सचिव जल्द ही एक बैठक लेने वाले हैं और बैठक में जिन एजेंडों पर चर्चा होनी है, उसकी रिपोर्ट मांगी है।
इसके साथ ही बताया गया कि शिक्षा सचिव के निर्देशों के बाद अब सभी स्कूलों के डिप्टी डायरेक्टर और प्रिंसीपल से रिपोर्ट मांगी गई है कि इसका पूरा डाटा भेजें। इसके साथ ही जिन स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं है, उसकी जानकारी भी देनी होगी। यही नहीं, कुछ स्कूलों में यदि इनका निर्माण कार्य जारी है, तो दो माह के भीतर इसकी कंप्लीशन रिपोर्ट भी देनी होगी। इसके साथ ही कितने स्कूलों में बच्चों के लिए साफ पानी की सुविधा है, इसकी रिपोर्ट भी भेजने के लिए कहा गया है। बताया गया कि इस रिपोर्ट का मकसद प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को बुनियादी सुविधाएं प्रोवाइड करना है, ताकि कोई भी छात्र बेसिक सुविधाओं से महरूम न रहे।
इसके साथ ही बताया गया कि उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमरजीत शर्मा की ओर से ये निर्देश जारी किए गए हैं। गौर रहे कि कुछ दिनों पहले ही केंद्र से यू डाइज की रिपोर्ट जारी हुई थी, जिसमें स्कूलों का विवरण दिया गया है कि कितने स्कूल अभी भी शौचालय की सुविधा से महरूम है। हालांकि 99 फीसदी स्कूल ऐसे हैं, जहां पर ये बुनियादी सुविधाएं हैं, लेकिन ग्रामीण एरिया में अभी भी शौचायल की दिक्कत है। इसी के चलते सभी स्कूलों से यह रिपोर्ट मांगी गई है। इसके साथ ही कितने स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए अलग से सुविधाजनक शौचालय है, बैठक में इस पर भी चर्चा की जानी है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने इसको लेकर काम शुरू कर दिया है। दूसरे चरण में सभी स्कूलों में इस तरह की सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में सभी उपनिदेशकों (उच्चतर), कालेज प्रधानाचार्य को सर्कुलर जारी किया है। पूछा गया है कि प्रदेश के ऐसे कितने स्कूल और कालेज हैं, जहां पर दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप और अलग से शौचालय की व्यवस्था है, नहीं है, तो इस तरह की व्यवस्था तैयार करने के लिए योजना तैयार करें। इसका पूरा प्रस्ताव निदेशालय को भेजें।



