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नेताओं के पोस्टर वार में सब पर भारी पड़े सुधीर शर्मा

नगरोटा बगवां में आरएस बाली ने बाल मेले पर करवाया मेगा इवेंट, तो स्मार्ट लीडर ने अपने बर्थ डे पर दिखाई ताकत

  1. राकेश भारद्वाज, (संपादक) न्यूज अजब गजब 

धर्मशाला। बीस लाख आबादी वाले कांगड़ा जिला में अकसर यह सवाल उठता है कि आखिर कांगड़ा का लीडर कौन। यह ऐसा सवाल है, जिसका भाजपा व कांग्रेस के पास जवाब देना कठिन हो जाता है। कभी कांग्रेस से जीएस बाली ने अपनी धाक जमाई थी, तो भाजपाई शांता कुमार का नाम लेते थे। अब सियासी सुपर स्टार की खाली कुर्सी भरने का प्रयास कुछ नेताओं द्वारा किया जा रहा है। मौजूदा समय की हिमाचल की कांग्रेस सरकार में कांगड़ा से 10 विधायक हैं। इन सबमें सबसे ज्यादा एक्टिव नेताओं की बात करें, तो इसमें तीन नाम हैं। ये नाम हैं सुधीर शर्मा, आरएस बाली और केवल पठानिया। सुधीर शर्मा और आरएस बाली बड़े नेताओं के पुत्र हैं, तो केवल पठानिया आम परिवार से निकले हैं कॉमन बात यह है कि तीनों ही एक्टिव हैं। तीनों में अपनी परफार्मेंस दिखाने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। सबसे पहले बात आरएस बाली की करते हैं। कांगड़ा शहर में रहने वाले आरएस बाली नगरोटा बगवां से विधायक बने हैं। वह दिवंगत कांग्रेस नेता जीएस बाली के बेटे हैं। जानकार मानते हैं कि इस बार नगरोटा बगवां में विधानसभा चुनावों में जीएस बाली का ही नाम चला था। इस बार नगरोटा में बड़ा फैक्टर जीएस बाली रहे हैं। यानी इन पांच साल की परफार्मेंंस आरएस बाली के अगले चुनाव का रिपोर्टकार्ड होगी। खैर बात स्टार वार की हो रही है, तो आरएस बाली को सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने कै बिनेट रैंक दिया है। वह कांगड़ा और नगरोटा शहरों में लोगों की समस्याएं सुनते हैं। नगरोटा बगवां को देश में माडल हलका बनाने की बात करते हैं। विधानसभा चुनावों में उन्होंने नगरोटा बगवां में ही परिवर्तन रैली की थी। उस रैली का चुनावों में बड़ा असर देखने को मिला था। चुनावों के बाद आरएस बाली को कैबिनेट रैंक मिला तो उन्होंने हर छोटे बड़े इवेंट में अपनी मौजूदगी दिखाई। हाल ही में उन्होंने अपने पिता आरएस बाली के जन्मदिवस पर नगरोटा बगवां में बाल मेले को बड़ा इवेंट बनाने में कोई कसर न छोड़ी। उन्होंने इसमें जनसेवा भी खूब की। अब बात सुधीर शर्मा की करते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा कुल चौथी बार विधायक बने हैं। सुधीर शर्मा का उस समय पूरे देश में चर्चा में आए जब उन्होंने साल 2012 में बैजनाथ के बाद धर्मशाला को कर्मभूमि बनाकर कुछ ही समय में चुनाव जीत लिया। चुनावों के बाद वह शहरी विकास मंत्री बने तो पीछे मुडक़र न देखा। उन्होंने उस समय धर्मशाला में रोप-वे, स्मार्ट सिटी, ट्यूलिप गार्डन, आईटी पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए ,तो पूरे देश में उनकी चर्चा होने लगी। सुधीर शर्मा विधानसभा में पूरे हिमाचल कसे संबंधित मसले उठाते हैं। सुधीर शर्मा की बदौलत धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के 75 प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। धर्मशाला में मुख्य सचिव, जी-20 व महिला सांसदों के बड़े इवेंट हुए हैं। इस बार वह अपनी सरकार में विधायक हैं। उन्हें मंत्री पद नहीं मिला है, लेकिन उन्होंने शांत रहते हुए धर्मशाला हलके में सभी प्रोजेक्ट अपनी मेहनत से चला रखे हैं। हाल ही में सुधीर शर्मा कई बड़े कार्यक्रमों में नहीं दिखे,तो जानकार उन्हें चूका हुआ मानने लगे, लेकिन यह स्मार्ट लीडर के प्लान का हिस्सा था। इसके बाद जैसे ही दो अगस्त को सुधीर शर्मा का बर्थडे आया,तो अचानक सुधीर शर्मा पूरे परिदृश्य में छा गए। सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया के अलावा फ्लैक्स या बैनर पर भी सुधीर शर्मा छा गए। यही नहीं इस बार उन्होंने 101 निर्धन परिवारों को आर्थिक मदद देकर नई शुरूआत कर दी। साथ ही बच्चियों को सिलाई मशीनें भी बांटी। इसके अलावा सुधीर शर्मा ने धर्मशाला में कांग्रेस के तीन क्षेत्रीय विधायक कार्यालय खोल दिए। यह एक अनूठा प्रयास था। ऐसे में सुधीर शर्मा एक बार फिर इस परिदृश्य पर छा गए और उन्होंने अपने प्रतिस्पर्धियों को काफी पीछे छोड़ दिया। जिला के तीसरे एक्टिव एमएलए केवल पठानिया हैं। वह शाहपुर से विधायक चुने हैं। वह रूटीन में पूरे हलके का दौरा करते हैं। डंगे कूहलों से लेकर हर तरह के काम उन्होंने तेज कर दिए हैं। वह हर घर व पंचायत से पर्सनली टच हैं। बहरहाल मौजूदा परिदृश्य को देखा जाए, तो एकाएक सुधीर शर्मा का एक्टिव हो जाना सबसे ज्यादा चर्चित है। उन्होंने जिस तरह प्रचार माध्यमों का उचित इस्तेमाल किया है, उसके राजनीतिक जानकार भी कायल हो गए हैं।

केवल को नहीं भाया स्व. वीरभद्र का आशीर्वाद

राजनैतिक पंडितो की माने तो स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह ने जिन लोगो के लिए पार्टी से टिकट की पैरवी की है वे सदन की दहलीज पार कर गए थे, लेकिन शाहपुर विश्व से केवल सिंह पठानिया और अर्की विधानसभा क्षेत्र से प्रकाश सिंह करड मात्र ऐसे प्रत्याशी रहे हैं जिन्हें दो दो बार स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने टिकट की पैरवी की थी, लेकिन केवल सिंह को स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद जब तीसरी बार टिकट मिली तो वह जीत कर विधायक बने ।

स्मार्ट लीडर के स्मार्ट स्लोगन
सुधीर शर्मा के स्लोगन जबरदस्त हैं। इनमें ‘जनता ही जनार्दन’ और सुधीर ही सुधार को लोग खूब पसंद करते हैं। उनकी सोशल मीडिया पर जोरदार फैन फालोइंग है। शांत स्वभाव होने के कारण वह आम व खास में लोकप्रिय हैं। वह कम शब्दों में अपनी बात रखते हैं। फेसबुक, टिवटर, व्हट्ऐप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम पर लोगों से जुड़े रहते हैं। धर्मशाला शहर को अपने विजन से बड़ा इन्फ्र ास्ट्रक्चर देने वाले सुधीर शर्मा को युवा अपना रोल माडल मानते हैं।

Rakesh Bhardwaj

A good reader or viewer is a person who is alert about her newspaper or news channel. A good reader or viewer will never waste her hard-earned money in watching or reading just anything. She is serious. She will have to think if the news she is consuming is journalism or sycophancy...

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