कांगड़ा एयरपोर्ट विस्थापितों पर अफसरों के मुंह सिले
विस्थापितों की आपत्तियों पर प्रशासन पर अभी तक क्लीयर नहीं कर पाया हालात, आर एंड आर प्लान की बागडोर एडीएम के हाथ

उपमंडल से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की खामोशी से जनता आहत
ब्यूरो, (न्यूज अजब गजब) धर्मशाला,
कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का सर्वे में लोगों ने धड़ाधड़ आपत्तियां दर्ज की हैं। सर्वे में अब तक 300 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं। गगल व साथ लगते 14 गावों में जमीन के सर्वे हुआ है। लेकिन अब सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि इस मामले में जिला प्रशासन के अधिकारी प्रभावितों के पुनर्वास व पुनस्र्थापन की प्रक्रिया पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। जनता ने अपनी आपत्त्यिों से लेकर अपनी मांगें लंबे समय तक जिला प्रशासन को दे दी हैं, लेकिन आर एंड आर प्लान का जिम्मा संभाले एडीएम कांगड़ा की तरफ से अब तक इस मामले पर कोई बात नहीं रखी गई है। अक्टूबर के पहले हफ्ते तक सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, उसके बाद मुआवजे की प्रक्रिंया चलेगी, लेकिन जनता का एक ही सवाल है कि उन्हें कहां बसाया जाएगा, उनके लिए सरकार क्या सोच रही है, इन सवालों का भी जवाब दिया जाए। कई लोग तो एयरपोर्ट विस्तारीकरण का विरोध कर रहे हैं लेकिन प्रशासन की खामोशी अब समझ से परे है। गौर रहे किआपत्ति दर्ज करने का समय 21 सितंबर तय की थी। आपत्तियां ऐसी हैं कि जिन्हें सुलझाने में राजस्व अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। मसलन किसी घर का मकान एयरपोर्ट में आ रहा है, तो उसका टायलट छूट रहा है। मकान मालिक की आपत्ति है कि वह इस टायलट का क्या करेगा। किसी की शिकायत है कि उसका थोड़ा सा प्लाट बच रहा है, वह उस जमीन में कुछ नहीं कर सकता। किसी की दीवार छूट रही है, तो किसी की दुकान। इन लोगों की मांग है कि उनकी सारी जमीन एयरपोर्ट में ली जाए। कुछ लोगों ने खसरा नंबरों की भी पड़ताल मांगी है। कई लोग चाहते हैं कि उनका हिस्सा उन्हें बताया जाए। इस तरह कई मामले इंतकाल न हो पाने से जुड़े हैं। इससे पहले
एसडीएम कांगड़ा की अगवाई में चल रहे सर्वे की रोजाना अपडेट सरकार के उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही थी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में कांगड़ा के 10 व शाहपुर के 4 टीके आए हैं। कांगड़ा सब डिवीजन के तहत बाग, बल्ला, बरस्वालकड़, भेड़ी, ढुगियारी खास, गगल खास, झिकली इच्छी, मुगरेहड़, सहौड़ा और सनौरा टीके हैं। शाहपुर विधानसभा से रछियालु, जुगेहड़, भड़ोत व कियोड़ी महाल इसमें आए हैं। आपत्तियां 21 सितंबर तक दर्ज हो सकेंगी, ऐसे में अगले दो हफ्ते तक आपत्तियों का आंकड़ा 500 तक पहुंचने के आसार हैं। एसडीएम कांगड़ा सौमिल गौतम ने बताया कि सर्वे में लोगों की सहूलियत का ध्यान रखा जा रहा है।
गौर रहे कि मौजूदा समय में एयरपोर्ट की पट्टी 1376 मीटर है। इसके विस्तार के बाद यह 3100 मीटर का रनवे हो जाएगा। इससे बड़े जहाज हवाई अड्डे पर लैंड कर पाएंगे। मौजूदा समय में रनवे छोटा होने से बड़े विमान उड़ान नहीं भर पाते हैं। एयरपोर्ट के विस्तार के बाद कम बिजिबिलिटी में भी विमान लैंडिंग और टेक ऑफ कर पाएंगे।
1200 परिवारों की जमीन दायरे में
कांगड़ा एयरपोर्ट के लिए 14 गांवों से 1200 परिवारों की जमीन अधिग्रहण होना है। अधिसूचना में सरकार ने 1200 परिवारों की जमीन का ब्योरा भी दे दिया है। अधिग्रहण के लिए सरकार ने 14 गांवों की सरकारी और निजी करीब 147 हेक्टेयर (करीब 3847 कनाल) जमीन चयनित की है। इसमें 123 हेक्टेयर निजी और सरकारी 24 हेक्टेयर सरकारी भूमि है।
बयान
कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण प्रभावितों के पुनर्वास व पुनस्र्थापन का ख्याल रखा जाएगा। इसमें प्रक्रिया चल रही है
डा निपुण जिंदल, उपायुक्त कांगड़ा



