प्रदेश सरकार को फिर याद आया कांगड़ा
आयोजन को सफल बनाने का जिम्मा कांगड़ा के तीन विधायकों के पास

न्यूज अजब गजब, (धर्मशाला) राकेश भारद्वाज
हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनाने में जिला कांगड़ा का बड़ा रोल था, हां यह अलग बात है कि कैबिनेट में जिला कांगड़ा को ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई। इसको लेकर लोगों में मायूसी भी रही है कि इतने बड़े जिला से दस विधायक देने के बाद भी कांगड़ा को कैबिनेट में ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई। अब हिमाचल में सरकार बने हुए एक साल होने को आया है, तो प्रदेश सरकार व्यवस्था परिवर्तन के एक साल का जश्र धर्मशाला में मना रही । यह कार्यक्रम 11 दिसंबर को पुलिस ग्राउंड में होगा। सबसे बड़ी बात है कि इस बड़े समारोह को सफल बनाने का जिम्मा भी जिला कांगड़ा को मिला है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जो कमेटी बनाई है, उसमें धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया और ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न को सदस्य बनाया गया है। इस समिति का अध्यक्ष राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को बनाया गया है। हालांकि कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के निर्देश सभी विधायकों को दिए गए हैं, लेकिन जिला कांगड़ा के तीन विधायकों पर सरकार के एक साल के कार्यक्रम का दारोमदार निर्भर रहेगा।
तीस हजार से ज्यादा की भीड़ जुटाने का है टारगेट
30 हजार से ज्यादा की भीड़ जुटाने का टारगेट राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम में 30 हजार से ज्यादा की भीड़ एकत्र करने का लक्ष्य तय किया है। शिमला में हुई विधायक दल की बैठक के दौरान सभी विधायकों को भीड़ जुटाने के निर्देश मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा टारगेट धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के पास रहेगा, जबकि शाहपुर और ज्वालामुखी के विधायकों को भी दो हजार से ज्यादा लोगों को आयोजन स्थल तक लाने के निर्देश मिले हैं। हालांकि दूरदराज के विधायक दूरी और वाहनों के प्रबंधों को देखते हुए भीड़ को धर्मशाला तक लेकर जाएंगे।
कहा से होगा सरकार के जशन के खर्च का इंतजाम ?
11 दिसंबर को धर्मशाला के पुलिस मैदान में सरकार के 1 साल के आयोजन के खर्चे को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि जहां प्रदेश सरकार के मुखिया प्रदेश पर करोड़ों के कर्ज का रोना अलाप रहे हैं वहीं इस तरह के आयोजन करना भी कई सवालों को खड़ा करता है। प्रदेश के मुखिया बार-बार प्रदेश पर करोड़ों के कर्ज होने व कर्मचारियो को वेतन देने के पैसे ना होने का अलाग पिट चुके हैं, ऐसे में धर्मशाला में होने वाला सरकार का 1 साल के जशन का आयोजन खुद सरकार पर ही सवाल खड़े कर रहा है ?



