शहर का मुद्दा : जगह-जगह खुदाई से धर्मशाला बेहाल, बेतरतीब विकास बना जी का जंजाल
प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली से लोगों में रोष, ठेकेदारों की मनमर्जी ने बढ़ाया शहर का मर्ज़

धर्मशाला, ब्यूरो (न्यूज अजब गजब):-
स्मार्ट सिटी धर्मशाला के लोग इन दिनों शहर में जारी बेतरतीब विकास कार्यांें के चलते काफी परेशान हैं। आलम यह है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में स्मार्ट रोड,नालियां और फुटपाथ का काम जारी है। हैरानी की बात तो यह है कि शहर के गांधी वाटिका से लेकर केसीसी चौक तक एक साथ कई पैच में काम शुरू कर दिया है। नतीजा यह हुआ कि इस पूरे पैच में एक भी जगह काम पूरा नहीं हो पाया है। आलम यह है कि कही खुदाई करके गड्डे बनाकर छोड़ दिया गया तो कहीं खुले चैंबर हादसे को न्योता दे रहे तो कहीं सड़क किनारे लगे रेत-बजरी के ढेर लोगों और सैलानियों का मुंह चिढ़ा रहे हैं। प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के चलते शहर के लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इसमें भी खास बात यह है कि सबसे ज्यादा जाम की स्थिति नगर निगम आफिस के पास ही बनती है और वहीं पर ही स्मार्ट सिटी परियोजना के एमडी बैठते हैं। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर प्रशासन सख्त कार्रवाई करने से गुरेज क्यों कर रहा है। बॉक्स: सड़क को उखाड़कर लेबर गायब कचहरी चौक के पास से सिविल लाइन को जोडऩे वाली सड़क को उखाड़ दिया गया है, लेकिन अफसोस की बात है कि सड़क को उखाडऩे के बाद यहां काम बंद कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि अगर अभी काम करना ही नहीं था, तो सड़क को उखाडऩे का क्या औचित्य है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क को तुरंत बहाल किया जाए।
*खुले चैंबर दे रहे हादसे को न्योता*
सड़क किनारे बनाई गई नालियां मेंं खुले रखे गए चैंबर भी हर पल बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। कई जगह तो दुकानों के आगे बनाए गए चैंबर भी खुले छोड़े गए हैं। हां इतना जरूर है कि इन चैंबरों को बंद करने वाले ढक्कन साइड में रखे गए हैं, लेकिन ये चैंबर कब बंद होंगे, यह सवाल बना हुआ है।
* दुकानों के आगे बिखरा सरिया,शेटरिंग*
अव्यवस्था का आलम यहीं नहीं रुक रहा है। शहर भर ऐसी अव्यवस्था है कि दुकानों के आगे काम पूरा होने के बाद भी शेटरिंग और सरिए के कई रॉड बिखरे पड़े हैं। दुकानदारों का कहना है कि उनके व्यवसाय पर भी इसका असर पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन हर चीज को देखकर अनदेखा कर रहा है।



