राजगढ़: 552 दिन में 358 रुपए महंगा हुआ सिलेंडर

घरेलू गैस के सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपए का एक बार फिर से इजाफा कर महंगाई की मार झेल रही देश की जनता की सरकार ने कमर तोड़ कर रख दी है। ऐसा लगता है कि मोदी सरकार को आम और गरीब आदमी की परवाह ही नहीं है। मोदी सरकार देश की जनता को महंगाई के बोझ तले दबाकर मारने की योजना के अंतर्गत कार्य कर रही है। और यही कारण है कि 2021 से 19 माह में अब तक 13 बार गैस के दाम बढ़ाए जा चुके हैं। 552 दिन के भीतर गैस सिलेंडर 358 रुपए महंगा हुआ है। यदि इसी वर्ष के आंकड़े देखे जाएं, तो मई से लेकर अभी तक भी तीन बार और पिछले छह माह में आधा दर्जन से अधिक बार गैस की कीमतों में वृद्धि की गई है जोकि चिंता का विषय है। इसी वर्ष 22 मार्च को गैस के दाम 50 रुपए बढ़ाने के बाद सात मई को फिर से 50 रुपए का इजाफा किया गया था और जनता को निचोडऩे के लिए अब छह जुलाई को फिर से 50 रुपए बढ़ा दिए गए।
मोदी सरकार ने पहले तो मुफ्त सिलेंडर बांट दिए, लेकिन अब कीमतों में इतनी वृद्धि कर दी है कि उन लोगों के लिए भी सिलेंडर भरवाना संवभ नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में 1 करोड़ 8 लाख लोग ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ एक बार सिलेंडर रिफिल किया है जबकी 90 लाख उपभोक्ताओं ने एक बार भी सिलेंडर रिफिल नहीं किया। कीमते बढऩे का यही आलम रहा तो शहर की रसोईयों में भी चूल्हे जलाने पड़ेंगे। मुसाफिर ने कहा कि देश के गरीब व माध्यम वर्ग के लिए सिलेंडर भरवाना एक चुनैती बनता जा रहा है । भाजपा सरकार के कार्यकाल में महंगाई ने पहले ही सारे रिकोर्ड तोड़ दिए थे और अब एक बार फिर से गैस के दाम में वृद्धि ने लोंगो की चिंता बड़ा दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भी इस महंगाई का जवाब भाजपा सरकार को आने वाले विधानसभा चुनावों में अवश्य देगी।


