पूरा विश्व हुआ योगमय योग दिवस में

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा की अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरा विश्व हुआ योगमय 170 देशों में करोड़ों लोग योग कर रहे हैं। यह भारतीय सस्ंकृति और हम सब के लिए बड़े गौरव और स्वाभिमान की बात है। सदियों पहले ऋषियों ने योग का वरदान दिया। परंतु योग कुछ आश्रमों और महात्माओं तक ही सीमित रहा। स्वामी रामदेव जी ने योग को घर-घर तक पहुंचने का पहली बार ऐतिहासिक काम किया। प्रधानमंत्री ने विशेष प्रयत्न किया और 165 देशों के सर्मथन से राष्ट्र संघ में एक प्रस्ताव द्वारा 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस तय हुआ। उन्होंने कहा कि योग केवल एक रस्म नहीं है जिसे वर्ष में एक बार निभाया जाए। यह प्रतिदिन के जीवन की जीवन शैली है। मेरा सौभाग्य है कि मैं पिछले 45 वर्र्षों से प्रतिदिन योग कर रहा हूं। कायाकल्प द्वारा हम हजारों लोगों को प्रतिदिन योग करवाते हंै। देश के लगभग 15 प्रदेशों से और विदेशों से भी हजारों लोग कायाकल्प आते हंै और योग सीखते हैं। मैं भी आज कायाकल्प में सब के साथ योग कर रहा हूंू। शांता कुमार ने आज योग करने वाले सभी बहन भाईयों से निवेदन किया है कि केवल एक दिन ही योग न करें। आज यह संकल्प करें कि योग को प्रतिदिन के जीवन का हिस्सा बनाएंगे। उन्होंने कहा योग के वरदान के कारण ही जीवन भर कठिन कठोर परिश्रम किया। लगभग 3 वर्ष जेल में बिताए, दो बार प्रदेश की सरकार और केंद सरकार में भी काम किया। इतना ही नहीं इस अति व्यस्त जीवन में मेरी लिखी 20 पुस्तकें प्रकाशित हुईं। इतना सब कुछ करने के बाद भी 88 वर्ष की आयु में मैं आज प्रभु कृपा से स्वस्थ जीवन जी रहा हूं। मेरे जीवन का यह चमत्कार केवल और केवल योग साधना के कारण ही हुआ है। योग के कारण जो मुझे मिला वह सब मैं कायाकल्प द्वारा सभी तक पहुंचाना चाहता हूं। आज सब संकल्प करें कि योग केवल रस्म नहीं हम सब के लिए प्रतिदिन के जीवन का हिस्सा बनाए।



