जोगिंद्रनगर : गौ धन की रक्षा के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ खोल मोर्चा-प्रदेशाध्यक्ष महंत रामायणी

अन्नपूर्णा गौ सदन लदरुहिं के संचालक एवं अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेशाध्यक्ष महंत 108 राम मोहन दास रामायणी महाराज ने गौ धन की रक्षा के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनकी गोसदन की समस्या का निदान जल्द नहीं किया गया तो राष्ट्रीय स्तर पर संत समाज को एकत्रित करके एक से डेढ़ महीना लगातार पूरे हिमाचल प्रदेश में परिवर्तन रैली का आयोजन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेवारी संगठन या पार्टी की होगी।
रामायणी का कहना है कि उनके गौ सदन में वर्तमान समय में 35 गोधन उपलब्ध है, परंतु गौशाला में 20 से 22 को धन रखने की क्षमता उपलब्ध है। जिसके चलते उन्हें मजबूरी में 15 गाय को गौशाला के बाहर बांधना पड़ रहा है। जिससे उन्हें स्वयं कष्ट होता है। वहीं गोसदन को जाने वाले रास्ते की हालत भी खस्ता है। गोसदन के भवन की रक्षा करने वाले डंगे की हालत भी दयनीय है। बरसात के चलते ये डंगा गिरा तो गोसदन के भवन को भी खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा उनकी इस समस्या को लेकर स्थानीय विधायक एवं सरकार से लिखित रूप में पिछले पांच साल से आग्रह किया जा रहा है परंतु उन्हें पांच साल से आश्वासन ही मिल रहा है। उन्होंने कहा कि संतों का धर्म गौ व गायत्री के लिए है। संगठन व पार्टी के लिए संतों ने अपना खून पसीना बहाया है। परंतु अब प्रदेश और देश में अपनी सरकार होने के बावजूद संतों को दर-दर भटकना पड़े तो उसकी पीड़ा अंदर से होती है। उन्होंने कहा कि पार्टी में कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि वे सदैव के लिए उस पद पर बैठे हैं परंतु जब जीवन का ही पता नहीं है, तो पद का उसके आगे क्या मोल है। उन्होंने कहा कि दु:ख की बात है कि मंदिरों के लिए सरकार ने बहुत कुछ करने के वादे किए गए थे परंतु इस बारे किया कुछ भी नहीं किया गया। बार-बार पार्टियों के दफ्तर व प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाने से अच्छा है कि भगवान के दरबार पर बैठकर अपने स्तर पर कार्य किया जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार व स्थानीय नेतृत्व से निवेदन किया है कि अपने स्तर पर गोसदन के इस कार्य को जल्द से जल्द अंजाम दें अन्यथा उन्हें विवश हो संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।



