ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सुख-समृद्धि के लिए करें व्रत और पूजा

ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत 14 जून को है। इस दिन वट पूर्णिमा व्रत और बड़ा मंगलवार है। जीवन सुख और समृद्धि के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन व्रत और पूजा करते हैं। इस दिन चंद्रमा की पूजा करने से चंद्र दोष दूर होता है और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा को सत्यनारायण भगवान की कथा सुनते हैं और उनकी पूजा करते हैं।
इस दिन करें दान पुण्य
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में आप इस दिन प्रात:काल से ही स्नान और दान कर सकते हैं क्योंकि सुबह से ही साध्य योग प्रारंभ है। यह योग मांगलिक कार्यों के लिए शुभ होता है।
किन चीजों का करें दान
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर स्नान के बाद आप चंद्रमा से जुड़ी वस्तुओं का दान करें। इस दिन आप किसी ब्राह्मण को सफेद वस्त्र, शक्कर, चावल, दही, चांदी, सफेद फूल, मोती आदि का दान कर सकते हैं। इससे चंद्रमा मजबूत होता है, जीवन में सुख एवं समृद्धि आती है.



